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Top 10 Hindi Shayari Collection

रक्षा-बंधन का त्योहार

शायरी 2

शायरी

तेरी तलाश में निकले हैं तेरे दीवाने

पहले तो अपने

बरसो बाद नज़रे मिली

किस्मत पे ऐतबार किसको है

शाम के बाद

नजरें बदल लेते हैं

शाम ज़ुल्फ़ों में ढल

आँसू नही थमते हैं

बेवफा सनम से तो

वो तड़प जाए इशारा कोई ऐसा देना

सफ़र ही शर्त-ए-सफ़र है तो ख़त्म क्या होगा

दिल-ए-शोरीदा की वहशत नहीं देखी जाती

दिल की राहें ढूँडने जब हम चले

मुद्दत से लापता है ख़ुदा जाने क्या हुआ

कभी ज़बाँ पे न आया के आरज़ू क्या है