अपनी आखों के समुंदर May 26, 2016 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps अपनी आखों के समुंदर मैं उतार जाने दे,तेरा मुजरिम हूँ, मुझे डूब के मार जाने दे.ज़ख़्म कितने तेरी चाहत से मिले हैं मुझको,सोंछता हूँ कहूँ तुझसे, मगर जाने दे. Comments
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