काटे नहीं काट ते

काटे नहीं काट ते लम्हे इंतेज़ार के,
नज़रें बिछएँ बैठे हैं रास्ते पे यार के,
दिल ने कहा देखे जो जलवे हुसने यार के,
लाया हैं उन्हे कौन फलक से उतार के…

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