सोना चाहता हूँ पर

सोना चाहता हूँ पेर नींद नही आती है,
बदल बदल के करवाते यूँही रात गुज़र जाती है,
कर भी प्यार का इज़हार या जाने जिगर,
आख़िर क्यों तू मुझे इतना तड़पति है…

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