मेरे ज़ख़्मों पे May 25, 2016 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps मेरे ख़ामोश होंठों को हँसाने कौन आया हैमेरी वीरान दुनिया को सजाने कौन आया हैअभी तक जो मिला इक दर्द ही देकर गया मुझकोमेरे ज़ख़्मों पे अब मरहम लगाने कौन आया है!! Comments
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