नाव से पहले नदी ने तट पे आने को कहा,
तट पे पहुँची तो भावर में डूब जाने को कहा,
इश्क़ का खेल भी कैसा अजब एक खेल है,
पहले तो दर्द दिए फिर मुस्कुराने को कहा,
मशवरा जब प्यार करने का मिला तो ये लगा,
जैसे मुझे फिर किसी ने चोट खाने को कहा,
आ ज़माने, बता तेरा है यह कैसा सलूक,
काट दिया पहले ज़ुबान फिर गीत गाने को कहा,
आपी खुशियों से बड़े बचों की खुशियाँ थी,
यों बड़े बुज़ुर्गों ने खुद से हार जाने को कहा.
तट पे पहुँची तो भावर में डूब जाने को कहा,
इश्क़ का खेल भी कैसा अजब एक खेल है,
पहले तो दर्द दिए फिर मुस्कुराने को कहा,
मशवरा जब प्यार करने का मिला तो ये लगा,
जैसे मुझे फिर किसी ने चोट खाने को कहा,
आ ज़माने, बता तेरा है यह कैसा सलूक,
काट दिया पहले ज़ुबान फिर गीत गाने को कहा,
आपी खुशियों से बड़े बचों की खुशियाँ थी,
यों बड़े बुज़ुर्गों ने खुद से हार जाने को कहा.
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