आज भीगी हे पलके May 23, 2016 Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps आज भीगी हे पलके एक फरियाद मे, आश्क भी सिमट गया हे अपने आप मे, ऊस की बूंदे ऐसे बिखरी पत्तो पर, मानो चाँद भी रोया हो किसी की याद मे.हर तरफ खामोशी का साया है, Comments
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