हस्ते रहो और हसाते रहो
गम के निशान मिटाते रहो
डगरमे आएँगे लाखों पत्थर
प्यार के फूल बिच्छाते रहो
सुराज किी किरण फयलटे रहो
गम किी शमा बुझाते रहो
काट जाएगी रात पल दो पल में
सुबह के गीत गुनगुनाते रहो
जीवन आज हैं कल किसने देखा
बाकचोकी तरह खिलखिलते रहो
मिलजाएँगी खुशिया तुमको भीइ
बस दूसरों का गम घटते रहो
आँधी आए तूफान आए या पतझड़
बाघो में कालिया खिलते रहो
हज़ार गम भले आ भीइ जाए
चेहरे पे मुस्कान सजाते रहो
हस्ते रहो और हसाते रहो
गम के निशान मिटाते रहो
गम के निशान मिटाते रहो
डगरमे आएँगे लाखों पत्थर
प्यार के फूल बिच्छाते रहो
सुराज किी किरण फयलटे रहो
गम किी शमा बुझाते रहो
काट जाएगी रात पल दो पल में
सुबह के गीत गुनगुनाते रहो
जीवन आज हैं कल किसने देखा
बाकचोकी तरह खिलखिलते रहो
मिलजाएँगी खुशिया तुमको भीइ
बस दूसरों का गम घटते रहो
आँधी आए तूफान आए या पतझड़
बाघो में कालिया खिलते रहो
हज़ार गम भले आ भीइ जाए
चेहरे पे मुस्कान सजाते रहो
हस्ते रहो और हसाते रहो
गम के निशान मिटाते रहो

Comments
Post a Comment