चेहरे पे मेरे ज़ुलफ को

चेहरे पे मेरे ज़ुलफ को फैलाओ किसी दिन,
क्या रोज़ गरजते हो बरस जाओ किसी दिन,
खुश्बू की तरह गुज़रो मेरे दिल की गली से,
फूलों की तरह मुझ पे बिखर जाओ किसी दिन.

Comments