तनहा रहने को मजबूर

तनहा रहने को मजबूर हो गया हूँ मैं,
तुझे याद करके ज़माने से खो गया हूँ मैं,
यूँ ना जगा मुझे गहरी नींदों से ज़ालिम,
ओढ़ के कफ़न कबार में सो गया हूँ मैं…

Comments